हेलिकॉप्टर हादसे में मारे गए राष्ट्रपति इब्राहिम रईसी 23 मई को उत्तर-पूर्वी शहर मशहद में सुपुर्द-ए-खाक होंगे. उनके शोक कार्यक्रम में भारत की ओर से उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ शामिल होंगे. भारत के लिए ईरान काफी महत्व रखता है. यह इसी बात से समझा जा सकता है कि न केवल इब्राहिम रईसी की मौत पर भारत में एक दिन के राष्ट्रीय शोक का ऐलान किया गया, बल्कि उपराष्ट्रपति धनखड़ भी ईरान जा रहे हैं.
अब सवाल उठता है कि आखिर इब्राहिम रईसी की मौत पर भारत में राष्ट्रीय शोक क्यों और उपराष्ट्रपति क्यों जा रहे ईरान? दरअसल, रईसी के कार्यकाल में भी ईरान के साथ भारत के अच्छे संबंध रहे हैं. चाबहार पोर्ट इसका एक बड़ा उदाहरण है. भारत चाहता है कि ईरान के साथ उसके संबंध रईसी के जाने के बाद भी पूर्ववत रहे या यूं कहें कि उससे भी बेहतर हो. क्योंकि चाबहार पोर्ट से भारत के कई हित जुड़े हुए हैं, इसलिए ईरान के मुश्किल वक्त में भारत का खड़े रहना काफी अहम है. यही वजह है कि रईसी की मौत के बाद पीएम मोदी ने अपनी पहली प्रतिक्रिया में कहा था कि भारत इस दुख की घड़ी में ईरान के साथ खड़ा है. राष्ट्रीय शोक और उपराष्ट्रपति के दौरे से भारत यह दिखाने की कोशिश कर रहा है कि ईरान के हर मुश्किल वक्त में भारत उसके साथ खड़ा है.
ईरान के राष्ट्रपति रईसी की मौत पर भारत में राष्ट्रीय शोक,शोक कार्यक्रम में भारत के उपराष्ट्रपति धनखड़ शामिल होंगे
