योगी आदित्यनाथ के मठ और गोरखनाथ मंदिर की जमीन नवाब ‘असिफुददौला’ ने दान की थी- विनोद दुआ का दावा

विनोद दुआ ने अपने शो ‘जन गण मन की बात’ के द्वारा इस महीने की शुरुआत में जारी की गई पर्यटन पुस्तिका में ताजमहल को शामिल न करने पर उत्तर प्रदेश सरकार से कई सवाल किए।
उन्होंने व्यंग्यपूर्ण सवाल उठाए, ‘अगर ताजमहल भारतीय संस्कृति का प्रतीक नहीं है, तो क्या यह रूसी संस्कृति का प्रतीक है?’

उन्होंने आगे कहा कि चाहे वह मुगल या लोधी हो, भारत में शाहजहां के समय भारत का जीडीपी 24% था जो दुनिया में सबसे अधिक था, आज यह 3.7% है। वह पूछते हैं, ‘भारतीयता क्या है, क्या यह हिंदू होना है?’
उन्होंने विलाप व्यक्त किया कि ताजमहल को पर्यटन स्थलों की सूची में शामिल नहीं किया गया है, हालांकि यह दुनिया के 7 अजूबों में से एक है और यूपी सरकार और भारत के लिए अधिकतम आय अर्जित कर रहा था।

वे कहते हैं, न केवल ताजमहल बल्कि लखनऊ के बड़ा इमाम बाड़ा का नाम भी शामिल नहीं है। बड़ा इमाम बाड़ा का निर्माण असिफुददौला ने किया था। योगी आदित्यनाथ गोरखपुर गोरखनाथ मठ के प्रमुख पुजारी हैं। गोरखनाथ मंदिर की भूमि नवाब असिफुददौला ने दान की थी।

दुआ ने कहा कि पर्यटन की सूची मानसिकता से तैयार की गई है कि हिंदू स्मारक केवल भारतीय हैं। निर्दयता से यह समुदायों के बीच खाड़ी बनाने की कोशिश की गई है। यह स्वीकार नहीं किया जाना चाहिए।

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