उपराष्ट्रपति और राज्यसभा सभापति वेंकैया नायडू ने जदयू के बागी नेता शरद यादव और अली अनवर को उच्च सदन से अयोग्य करार दिया है। सोमवार को नायडू ने इन दोनों नेताओं की सदस्यता तत्काल प्रभाव से खत्म कर दिया। तमाम कोशिशों के बावजूद शरद यादव और अली अनवर अपनी सदस्यता बचाने में नाकाम रहे।
अब उनको दो-तीन महीने में सांसद का आवास भी खाली करना पड़ जाएगा। राज्यसभा के सभापति जदयू की इस दलील से सहमत नजर आए कि पार्टी के निर्देशों का उल्लंघन कर और विपक्षी पार्टियों की गतिविधियों में शामिल होकर इन दोनों नेताओं ने स्वत: अपनी सदस्यता का परित्याग कर दिया है। शरद यादव और अली अनवर ने पार्टी के निर्देशों का उल्लंघन कर विपक्षी दलों की पटना रैली में भाग लिया था। इसके आधार पर जदयू ने राज्यसभा से उनकी सदस्यता खत्म करने की मांग की थी। शरद यादव पिछले साल ही राज्यसभा के लिए चुने गए थे और उनका कार्यकाल 2022 तक था। अली अनवर का कार्यकाल अगले साल के शुरू में खत्म हो रहा था। दोनों सांसद बिहार के मुख्यमंत्री और पार्टी अध्यक्ष नीतीश कुमार द्वारा भाजपा से हाथ मिलाने का विरोध कर रहे थे। इसके खिलाफ उन्होंने विरोधी दलों से हाथ मिला लिया था। इससे पहले नायडू ने शरद यादव और अली अनवर को उनकी राज्यसभा सदस्यता रद करने के मामले में 30 अक्टूबर को पेश होकर अपना पक्ष रखने के लिए कहा था।
शरद यादव, अली अनवर की राज्यसभा सदस्यता खारिज
