कारगिल युद्ध : निशाना न चूकता तो मारे जाते नवाज़ शरीफ और मुशर्रफ

1999 में भारत और पाकिस्तान के बीच हुए कारगिल युद्ध में अगर भारतीय वायुसेना के जगुआर का निशाना सटीक बैठ जाता तो पाकिस्तान के तत्कालीन प्रधानमंत्री नवाज शरीफ और सेना प्रमुख परवेज मुशर्रफ युद्ध में ही ढेर हो जाते। यह खुलासा भारत सरकार के एक सरकारी दस्तावेज़ से हुआ है। घटना 24 जून 1999 की है। इस दिन एक जगुआर ने पाक सेना के एक अग्रिम ठिकाने को लेजर गाइडेड सिस्टम से टारगेट करने के लिए नियंत्रण रेखा (एलओसी) के ऊपर उड़ान भरी। जबकि उसके पीछे आ रहे दूसरे जगुआर को टारगेट पर बमबारी करनी थी। लेकिन इस बीच पीछे आ रहे जगुआर का निशाना चूक गया और बम टारगेट से बाहर गिर गया। पाक सेना के जिस ठिकाने को जगुआर ने टारगेट किया था, वहां उस समय पाकिस्तान प्रधानमंत्री नवाज शरीफ और सेना प्रमुख परवेज मुशर्रफ मौजूद थे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *