” दाइश के बंदियों के साथ बुरा सुलूक न किया जाए ” आयतुल्लाहिल उज़मा सीस्तानी

इराक़ में वरिष्ठ शिया धर्मगुरु आयतुल्लाहिल उज़मा सीस्तानी ने कहा है कि दाइश और मूसिल आप्रेशन के दौरान बंदी बनाए गये उनके साथियों को किसी भी तरह से यातना नहीं दी जानी चाहिए और न ही उनके साथ बुरा व्यवहार किया जाए।

आयतुल्लाहिल उज़मा सीस्तानी ने दाइश के बंदियों के खिलाफ हर प्रकार की बदले की कार्यवाही के सिलसिले में कहा कि मूसिल में पकड़े गये दाइश के सदस्यों के साथ बुरा सुलूक न किया जाए।

रिपोर्ट के अनुसार आयतुल्लाहिल उज़मा सीस्तानी ने कहा है कि दाइश के बंदियों के साथ बुा बरताव और उन्हें टार्चर करना धार्मिक और क़ानूनी लिहाज़ से जुर्म है।

उन्होंने कहा कि मूसिल में पकड़े गये दाशइ के सदस्यों को क़ानून के हवाले किया जाए और नागरिकों की रक्षा की जाए।

कर्बला में आयतुल्लाहिल उज़मा सीस्तानी के प्रतिनिधि “अहमद अस्साफी ” ने जुमे की नमाज़ के भाषण में कहा कि इराक़ में जीत उस वक़्त पूरी होगी जब इराक़ का हर इलाक़ा दाइश के चंगुल से आज़ाद हो जाएगा।

याद रहे इराक़ में दाइश के गढ़ मूसिल की आज़ादी के दौरान दाइश के बहुत से आतंकवादियों को इराक़ी सैनिकों ने बंदी बना लिया है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *