बीते 2 अप्रैल को दलित संगठनों द्वारा बुलाए गए भारत बंद के दौरान भड़की हिंसा के खिलाफ आज (मंगलवार को) देशभर में कई संगठनों ने फिर से भारत बंद का आह्वान किया है. भारत बंद के दौरान कोई हिंसक घटनाएं न हों, इसके लिए केंद्र और राज्य सरकारों ने पुख्ता तैयारियां की हैं और भारी संख्या में सुरक्षाबलों को तैनात किया गया है. देश के कई राज्यों में संवेदनशील जगहों पर धारा 144 लागू की गई है. खासकर उस जगहों पर सख्ती बरती जा रही है, जहां पिछले 2 अप्रैल को हिंसा हुई थी. कई जगह इंटरनेट सेवाएं स्थगित की गई हैं.
हिंसा हुई तो डीएम-एसपी पर गिरेगी गाज
केंद्रीय गृह मंत्रालय ने सभी राज्यों से सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने को कहा है. गृह मंत्रालय ने राज्यों को भारत बंद के संबंध में परामर्श जारी करते हुए कहा है कि अगर किसी इलाके में हिंसा हुई, तो इसके लिए वहां के जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक व्यक्तिगत रूप से जिम्मेदार होंगे. यानि हिंसा होने के लिहाज से उन पर गाज गिरनी तय है. मंत्रालय ने एडवाइजरी में यह भी कहा है कि कुछ समूहों द्वारा सोशल मीडिया पर 10 अप्रैल को बुलाए गए भारत बंद के मद्देनजर जरूरी एहतियाती कदम उठाए जाएं.
