दुनिया में 58 देश सज़ा-ए-मौत के लिए फांसी देते हैं लेकिन सबसे अधिक 73 देशों में इस सज़ा को लागू करने के लिए गोली मारी जाती है.
इनमें से 45 देशों में फ़ायरिंग स्क्वॉड मौत की सजा को लागू करने का एकमात्र तरीक़ा है.
जहां तक फांसी का सवाल है, भारत सहित 33 देशों में यह मृत्युदंड का एकमात्र तरीक़ा है.
छह देशों में स्टोनिंग यानी पत्थर मारकर यह दंड दिया जाता है जबकि पांच देशों में इंजेक्शन देकर यह सजा दी जाती है.
तीन देशों में सिर काट कर इस सजा को अंजाम दिया जाता है.
दुनिया में 58 देश मृत्युदंड देने के मामले में काफ़ी सक्रिय माने जाते हैं, जबकि 97 देश इसके प्रावधान को समाप्त कर चुके हैं.
बाकी देशों ने पिछले लगभग दस सालों से किसी को मृत्युदंड नहीं दिया है या फिर वो केवल जंग के समय ही इसका इस्तेमाल करते हैं
अलग-अलग देशों में क्या होता है देखें:
फ़ायरिंग, फांसी, पथराव: अफ़ग़ानिस्तान, सूडान
फ़ायरिंग, फांसी: बांग्लादेश, केमरून, सीरिया, युगांडा, कुवैत, ईरान, मिस्र
फांसी: भारत, मलेशिया, बारबाडोस, बोत्सवाना, तंजानिया, जाम्बिया, जिंबाब्वे, दक्षिण कोरिया
फ़ायरिंग: यमन, टोगो, तुर्कमेनिस्तान, थाइलैंड, बहरीन, चिली, इंडोनेशिया, घाना, अर्मीनिया
इंजेक्शन और फ़ायरिंग: चीन
इंजेक्शन: फिलीपींस
इलेक्ट्रोक्यूशन, गैस, फांसी, फ़ायरिंग: अमरीका
