दिल्ली के पांच बड़े स्टेडियम निजी हाथों में जायेंगे, केंद्र सरकार ने लिया फैसला

केंद्र सरकार ने दिल्ली के पांच बड़े स्टेडियमों के निजीकरण का फैसला किया है. अंतरराष्ट्रीय स्तर के इन स्टेडियमों की देखरेख से लेकर खेल आयोजन तक करने की जिम्मेदारी निजी क्षेत्र को सौंपी जाएगी.

इसके बाद वर्ष 2022 तक भारतीय खेल प्राधिकरण (साई) की कर्मचारियों की संख्या में 50 प्रतिशत तक कटौती की जाएगी.
अगले दो महीनों के भीतर स्टेडियमों को निजी हाथों में सौंपने की प्रक्रिया आरंभ कर दी जाएगी. साई के कर्मचारियों के बारे में उनका कहना है कि 2022 तक साई के कर्मचारियों की संख्या घटाकर 50 प्रतिशत कर दी जाएगी. वर्तमान में किसी कर्मचारी को नौकरी से नहीं निकाला जाएगा, लेकिन नई भर्तियां नहीं होंगी. सरकार का फोकस कोचों को तवज्जो देने का रहेगा. साई कोचिंग का काम जारी रखेगा.

दिल्ली में केंद्र सरकार के पांच बड़े स्टेडियम हैं. इनमें जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम, मेजर ध्यानचंद नेशनल स्टेडियम, इंदिरागांधी इंडोर स्टेडियम, डा. एसपी मुखर्जी तरणताल और करणी सिंह शूटिंग रेंज शामिल हैं. इन स्टेडियमों की देखरेख, खेलों के आयोजन, खिलाड़ियों को सुविधाएं देने की जिम्मेदारी साई की है. बड़े खेल आयोजनों के दौरान स्टेडियम चमकाए जाते हैं और खेल खत्म होते ही उनकी स्थिति खराब हो जाती है. खेल मंत्रालय ने खेलों और खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने का प्रावधान सीएसआर यानि कारपोरेट सामाजिक जिम्मेदारी में जोड़ दिया है. इसके बाद से बड़े कारपोरेट घरानों ने
सरकार को प्रस्ताव भेजे कि उन्हें स्टेडियम सौंपे जाएं, सीएसआर के तहत वे अपने धन से स्टेडियमों का रखरखाव अंतरराष्ट्रीय स्तर का कर देंगे और इनमें पूरे साल भर खेलों के आयोजन करते रहेंगे. इससे देश में अच्छे खिलाड़ी पैदा होंगे और खेलने के लिए उपयुक्त स्थान भी उपलब्ध रहेंगे.

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