क्रिकेट और बैडमिंटन के अलावा अन्य खेलों में भी भारत का परचम विश्व में फहराने के लिए केंद्र सरकार ने अनूठी पहल शुरू की है. सरकार ने 10 साल की उम्र से ही प्रतिभावान खिलाड़ी बच्चों का पोषण करने का फैसला किया है.
सरकार हर साल एक हजार बच्चों को चुनेगी और उन्हें अगले आठ साल तक पांच लाख रुपए सालाना वजीफा देगी ताकि वह अपने खच्रे उठा सकें और केवल खेलों पर ही ध्यान दे सकें.
बच्चों और किशोरों को अपराध या असामाजिक गतिविधियों से दूर रखने में भी यह योजना सहायक साबित होगी. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में बुधवार को हुई कैबिनेट की बैठक में ‘खेलो इंडिया’ कार्यक्रम के पुनरुत्थान योजना को मंजूरी दी गई.
