ग्रेटर नोएडा बिल्डिंग हादसे में लगातार रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है. बुधवार (18 जुलाई) तक रेस्क्यू में 8 शवों को निकाल लिया गया था. वहीं, गुरुवार (19 जुलाई) को मलबे से एक और शव निकाला गया है. मृतकों की संख्या बढ़कर 9 हो गई है. वहीं, मामले में सीएम योगी ने बड़ी कार्रवाई की है. ग्रेटर नोएडा अथॉरिटी के प्रोजेक्ट मैनेजर बी पी सिंह और असिस्टेंट प्रोजेक्ट मैनेजर अख्तर अब्बास जैदी को निलंबित कर दिया गया है. ग्रेटर नोएडा हादसे की जांच मेरठ के डिवीजनल कमिश्नर को सौंपी गई है. एनडीआरएफ की चार कंपनियां मलबा हटाने में जुटी हैं. एनडीआरएफ के मुताबिक, मलबे में दबे लोगों के बचने की संभावना बहुत कम बची है. मलबा को हटाने में अभी कई घंटे और लग सकते हैं.
सरकार ने इस दर्दनाक हादसे पर दुख जताया है और मृतकों के परिवारवालों को दो-दो लाख रुपये के मुआवजे का ऐलान किया गया है. बिल्डिंग हादसे के बाद अब तक पांच लोगों की गिरफ्तारी की जा चुकी है, जिनके खिलाफ NSA लगेगा. हादसे को लेकर एक और बात सामने आई है. अवैध निर्माण के खिलाफ सीएम को चिट्ठी लिखी गई थी. बड़ी बात ये है कि मुख्यमंत्री को चिट्ठी लिखे जाने के बाद भी अवैध निर्माण पर कोई कार्रवाई नहीं हुई थी.
