express live news (Reported by): SARDAR HUSAIN
पुरनी दिल्ली स्थित शाही ईदगाह में शुक्रवार रात से चल रहे सालाना तब्लीगी इज्तिमा कार्यक्रम का समापन सोमवार दोपहर विशेष दुआ के साथ हुआ.
देश का सबसे बड़ा तब्लीगी इज्तिमा होने के कारण देश-विदेश के मुस्लिम समुदाय के लोग इसमें शिरकत करते हैं.
समापन पर सुबह से ही ईदगाह में भीड़ जुटनी शुरू हो गई थी जिस कारण कसाबपुरा, बाड़ा ¨हदू राव, पुलबंगश, करोलबाग सहित आसपास के इलाकों में भारी यातायात जाम रहा । इस बार इज्तिमा में अधिक भीड़ जुटने की संभावना इसलिए भी थी क्योंकि पिछले साल पुलिस ने सुरक्षा कारणों से इसके आयोजन की अनुमति नहीं दी थी। पुलिस विभाग के एक आंकड़े के अनुसार फरवरी 2015 में हुए तब्लीगी इज्तिमा में करीब दो लाख लोग इसमें शरीक हुए थे।जब कि इस बार यह संख्या इस से अधिक थी.
मौलाना साद ने अपने दुआ के ख़ुत्बे में कहा कि आज मुस्लमान इस दुनिया की छोटी सी ज़िन्दगी के लिए अपनी आख़िरत की ज़िन्दगी को भुला बैठे हैं,जब कि बुद्धिमान वह है जो मरने के बाद मिलने वाली ज़िन्दगी की तैयारी करे.मौलाना ने अफ़सोस जताते हुए कहा कि हमारे जमात के कुछ लोग बहार जाकर अपने कारोबार की खरीदो फरोख्त में लग जाते हैं और तब्लीग़ी ज़िम्मेदारी को भूल जाते हैं.इस से बचने की जरूरत है.दुआ के बाद लोगों ने जगह जगह खाने और पानी की व्यवस्था की.बाड़ा हिन्दू राव में दिल्ली प्रदेश कांग्रेस के पूर्व सचिव श्री अब्दुल्लाह खुबाब की ओर से खाना-पानी की सबील लगाई गई जो शाम चार बजे तक चली.
