भारत में शिया मुसलमानों के वरिष्ठ धर्मगुरू मौलाना कल्बे जवाद के कार्यालय से प्राप्त सूचना के अनुसार यूपी के शिया सेंट्रल वक़्फ़ बोर्ड के चैयरमैन ने भारत सरकार को एक पत्र लिखकर भारत के वरिष्ठ शिया धर्मगुरू और इमामे जुमा लखनऊ पर आरोप लगाया है कि वे ईरान, इराक़ और सीरिया की सरकारों की ओर से प्राप्त आर्थिक मदद के द्वारा भारत में आतंकवाद और कट्टरपंथ को बढ़ावा दे रहे हैं।
मौलाना जव्वाद ने एक्सप्रेस लाइव न्यूज़ के वरिष्ट संवाददाता सरदार हुसैन से फ़ोन पर बात करते हुए बताया कि उत्तर प्रदेश शिया सेंट्रल वक़्फ़ बोर्ड के अध्यक्ष वसीम रिज़वी ने अपने पत्र में ईरान की इस्लामी क्रांति के वरिष्ठ नेता का उल्लेख करते हुए आरोप लगाया है कि ईरान की सरकार भारत में मौलाना कल्बे जवाद के ज़रिए आतंकवादियों की आर्थिक मदद करती है।
मौलाना कल्बे जव्वाद ने उक्त आरोपों का ज़बरदस्त खंडन किया और कहा कि जहां एक तरफ़ इराक़ और सीरिया में वरिष्ठ शिया धर्मगुरूओं के मार्गदर्शन में इन देशों की सेनाओं के साथ मिलकर स्वयंसेवी बल दुनिया के ख़ूंखार आतंकवादियों को धूल चटा रहे, वहीं वसीम रिज़वी का इस तरह का ख़त विश्वभर के शिया धर्मगुरूओं का अपमान है जिसकी पूरा शिया समाज कड़े शब्दों में निंदा करता है। मौलाना कल्बे जवाद के कार्यालय ने भारत की केंद्र और उत्तर प्रदेश की सरकारों से मांग की है कि वक़्फ़ बोर्ड के चेयरमैन के इस पत्र की जांच कराई जाए ताकि साज़िश से पर्दा उठाया जा सके और वसीम रिज़वी द्वारा लगाए गये आरोपों के सिद्ध न होने पर कड़ी कार्यवाही करके जेल भेजा जाए।
मौलाना कल्बे जव्वाद ने उत्तर प्रदेश शिया सेंट्रल वक़्फ़ बोर्ड के आरोपों का खंडन किया
