केंद्रीय अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा कि जितने चुनाव कराओगे, उतने बाबा निकलेंगे। लोकसभा और विधानसभा चुनाव साथ-साथ होने चाहिए। इससे जनता की गाढ़ी कमाई का खर्च कम होगा। उन्होंने कहा कि देश में समान नागरिक कानून आम सहमति से ही बनाया जा सकता है। बिना तुष्टीकरण अल्पसंख्यकों का सशक्तीकरण हमारा लक्ष्य है।
शनिवार को वे पार्लियामेंटेरियंस कॉन्क्लेव में वरिष्ठ पत्रकार शरद गुप्ता के सवालों का जवाब दे रहे थे। उन्होंने कहा कि मदरसाें में धार्मिक शिक्षा के साथ मुख्यधारा की आधुनिक शिक्षा लागू करने के लिए हम प्रोत्साहित कर रहे हैं, ताकि यहां के बच्चे समय के साथ आगे बढ़ें। गौरक्षा के नाम पर हत्या से जुड़े सवाल पर कहा- ऐसे मामले में कानून के तहत कार्रवाई होती है। पत्रकार गौरी लंकेश की हत्या की निंदा करते हुए उन्होंने कहा-विचारों से सहमत नहीं हों, तो विचारों से काउंटर करंे। लेकिन, हत्या तो अपराध है। गोवा में बीफ के मामले पर उन्होंने कहा कि अलग-अलग राज्यों मे अलग-अलग कानून है।
रोहिंग्या मुसलमानों से जुड़े सवाल पर उन्होंने कहा कि हमारी अपनी आबादी और समस्या कम रही है। ऐसे में बंगलादेश या और अन्य देशों से आने वाले रिफ्यूजी के लिए क्या कर सकते हैं? फिर भी जो लीगल रिफ्यूजी हैं, उन्हें हम जरूर रखते हैं। उन्होंने कहा कि हम यह नहीं कहते हैं कि नोटबंदी से पूरा भ्रष्टाचार दूर हो गया है, लेकिन कालाधन पर हमला जरूर हुआ है।
लोकसभा व विधानसभा चुनाव एक साथ हो, नकवी
