दारुल उलूम देवबंद के मुफ़्ती अतहर क़ासमी ने कहा है कि इस्लाम महिलाओं को फैटबॉल मैच देखने कि इजाज़त नहीं देता है.मुफ़्ती क़ासमी ने उन पुरुषों को भीआड़े हाथों लिया है जो अपनी बीवियों को टेलीविज़न पर फुटबॉल मैच देखने कि अनुमति देते हैं.उन्हों ने कहा कि महिलाओं को फुटबॉल मैच देखने की ज़रुरत ही क्या है.फुटबॉल के खिलाड़ियों की नंगी टांगें देख कर उन को क्या लाभ मिलता है,मैच के समय उन की निगाहें खिलाड़ियों की टांगों की ओर ही रहेंगी यहाँ तक कि वे मैच के स्कोर को भी भूल जाएंगी.
याद रहे कि यह फतवा ऐसे समय आया है जब कि सऊदी अरब ने महिलाओं को फुटबॉल मैच देखने कि अनुमति दे दी है
मुस्लिम महिलाओं का फुटबॉल मैच देखना इस्लाम के खिलाफ है : मुफ़्ती अतहर क़ासमी
