राजस्थान के दौसा जिले में बांदीकुईं के रहने वाले शमशाद और उनके 4 भाई बहरूपिया समुदाय से ताल्लुक रखते हैं। यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ की मौजूदगी में जब त्रेतायुग जैसी दिवाली मनाने के तहत अयोध्या में शोभायात्रा निकली, तो शमशाद और उनके चारों भाई सबसे आगे थे। अयोध्या के साकेत डिग्री कॉलेज से रामकथा पार्क तक 3 किलोमीटर की दूरी के बीच यह भव्य शोभायात्रा निकाली गई थी।
शमशाद वानर सेना के सदस्य थे, जबकि उनके भाई फरीद ने भगवान शिव का किरदार निभाया। इसके अलावा उनके बाकी 3 भाइयों में सलीम ने हनुमान, सबसे छोटे भाई अकरम ने भगवान शिव और सबसे बड़े भाई फिरोज ने राक्षस का भेष रचा। यह पांचों भाई उस शोभायात्रा का हिस्सा थे, जिसने भगवान राम की 14 वर्ष के वनवास के बाद अयोध्या पहुंचने पर अगवानी की।
शिव का किरदार निभाने वाले फरीद का कहना है, ‘हमारा परिवार कई पीढ़ियों से रामलीला में शामिल होता रहा है लेकिन यह पहला मौका है, जब हमें अयोध्या बुलाया गया। हमें यकीन है कि अगर इसी तरीके से हमारे देश की परंपरा को मनाया जाएगा, तो हम अपनी खोती हुई संस्कृति को पुनर्जीवित कर सकेंगे।’
3 किलोमीटर की इस पदयात्रा में पांचों मुस्लिम भाइयों का फूलों की वर्षा करके स्वागत किया गया। श्रद्धालुओं ने उनके पैर छूकर आशीर्वाद लिया और तस्वीरें भी खींचीं। शोभायात्रा में सबसे आगे चल रहे अमित और रवि वर्मा ने भगवान राम और लक्ष्मण का भेष धारण किया हुआ था।
