पानीपत के बड़े हैंडलूम उद्योगपति कृष्ण मित्तल दिल्ली के मशहूर अस्पताल गंगाराम के डॉक्टरों द्वारा मृत घोषित करने के बाद जीवित हो उठे। वो गंगाराम अस्पताल में दो दिन तक दाखिल रहे। उनके पेट में संक्रमण था। शुक्रवार रात 12 बजे डॉक्टरों ने उनको मृत घोषित कर दिया था। वहां से शनिवार दोपहर 2 बजे परिजन उनके शव को लेकर घर आ रहे थे। शाम साढ़े 5 बजे का शिवपुरी में उनके अंतिम संस्कार का समय तय कर दिया गया था। अंतिम दर्शन के लिए घर में लोगों की भीड़ लगी थी।
शव घर लाते वक्त सोनीपत के पास वो अचानक जी उठे। परिजन उनको सीधा आठ मरला स्थित रविंद्रा अस्पताल में लेकर गए, जहां उनका इलाज चल रहा है। परिजन इसको एक करिशमा मान रहे हैं। अस्पताल में उनको देखने के लिए लोगों की भीड़ जुटी है। शनिवार को उनका 60 वां जन्मदिन है। सेक्टर 24 निवासी उद्योगपति कृष्ण मित्तल का इंसार बजार में हैंडलूम का काम है। उनके पेट संक्रमण हो गया था। जिससे वो काफी लंबी समय से जूझ रहे थे। उनकी इस बीमारी का इलाज 19 जून से दिल्ली के गंगाराम अस्पताल में चल रहा था।
उपचार के दौरान उनकी तबीयत में सुधार नहीं हुआ। 21 जून रात को 12 बजे अस्पताल के डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। जिसके बाद परिजन अस्पताल के बिल चुकाने लगे। जिसका कुल खर्च अस्पताल ने 1 लाख 80 हजार रुपए परिजनों से चार्ज किया। इस प्रक्रिया में अस्पताल ने वीरवार रात के 12 बजे से लेकर अगले दिन के 12 बजे तक का समय लगा दिया। अस्पताल की ओर से डेड बॉडी का डेथ सटिफिकेट भी दिया गया। इसके बाद परिजनों ने एंबूलेंस की व्यवस्था की। जिसके बाद परिजन पत्नी संतोष, बेटे गौरव व जितेंद्र, समधी भूपेश सिंह व रिश्तेदार राम निवास गोयल उनको वहां से दोपहर 2 बजे ले कर चले।
पत्नी संतोष ने रोते हुए सड़क के बीच में अस्पताल से मिली कृष्ण मित्तल की कागज फाइल को फेंक दिया। परिजनों ने घर पर मौजूद लोगों को संस्कार की तैयारी करने के लिए बोल दिया। दिल्ली से निकलते ही समधी भूपेश ने किशन मित्तल के शरीर पर पसीने की बूंदे देखी। जिसके बाद उन्होंने बाकी परिजनों को भी बताया। एंबुलेंस चालक को पसीने की बात बताई। जिसके बाद एंबुलेंस चालक ने उन्हें एंबुलेंस में मौजूद वेंटीलेटर पर लिटाया और उन्हें शहर के मॉडल टाउन स्थित अस्पताल ले कर आए। जहां डॉक्टरों ने उनके जीवत होने की पुष्टि की। परिवार अब उनके अंतिम संस्कार की जगह जन्मदिन मनाने की तैयारियां कर रहा है। परिवार में खुशी का माहौल है।
