आगरा के एसएन मेडिकल कॉलेज में एक बार फिर घोर लापरवाही का मामला सामने आया हैं. इंसानियत को शर्मसार करने वाली इस तस्वीर ने यूपी के स्वास्थय महकमें की पोल भी खोल कर रख दी है. बुधवार को एसएन मेडिकल कॉलेज के बाल रोग विभाग में भर्ती नवजात का अल्ट्रासाउंड करने के लिए चिलचिलाती धूप में परिजन भटकते रहे.
चिलचलाती धूप में राजाखेड़ा निवासी सूरज अपनी पत्नी और भाई के साथ साढ़े तीन माह के बच्चे का इलाज कराने मेडिकल कॉलेज पहुंचा. बच्चे को सांस लेने में तकलीफ थी. बाल रोग विभाग से बच्चे को जांच के लिए माइक्रोबायोलॉजी लैब भेज दिया गया. यहां से मां-बाप ऑक्सीजन सिलेंडर कंधे पर लिए 400 मीटर पैदल चलकर रेडियो डाइग्नोसिस विभाग पहुंचे. जांच के बाद बच्चे को बालरोग विभाग में भर्ती कराया गया.
नियमानुसार ऑक्सीजन सिलेंडर वार्ड ब्वॉय को स्टैंड से लेकर जाना चाहिए था. लेकिन ऐसा नहीं हुआ. मेडिकल कॉलेज में इंसानियत को शर्मसार करती इस तस्वीर को देखने वालों की आंखें नम हो गई, लेकिन मेडिकल कॉलेज प्रशासन पत्थर दिल बना रहा.
मामले की शिकायत पर प्रमुख अधीक्षक डॉ. अजय अग्रवाल ने बाल रोग विभाग से स्पष्टीकरण मांगा है. वहीं बाल रोग के विभागध्यक्ष डॉ. राजेश्वर दयाल का कहना था कि मैं अपना पक्ष प्राचार्य के सामने रख चुका हूं. उन्होंने कुछ भी कहने से मना कर दिया.
